150 सवाल, 150 मिनट से भी कम का effective time, और पास होने के लिए चाहिए सिर्फ 90 नंबर। कागज़ पर यह आसान लगता है। फिर हर session में लाखों candidates फेल क्यों होते हैं?
जवाब syllabus की मोटाई में नहीं है। जवाब इसमें है कि ज़्यादातर लोग CTET Syllabus 2026 को एक topic list की तरह पढ़ते हैं, जबकि CBSE उसे एक classroom situation की तरह पूछता है। NCERT का chapter याद कर लेना अलग बात है — यह बता पाना कि “class में एक बच्चा बार-बार वही गलती दोहरा रहा है, teacher को क्या करना चाहिए” — बिल्कुल अलग skill है।
यह guide उसी gap को भरने के लिए है। नीचे आपको हर subject का official syllabus तो मिलेगा ही, साथ में यह भी कि उस subject से नंबर असल में आते कहाँ से हैं।
📌 Live Status — CTET September 2026 • Exam Date: 6 September 2026 (रविवार) • Admit Card: 4 September 2026 से ctet.nic.in पर live • Paper 2 shift: सुबह 9:30 – 12:00 | Paper 1 shift: दोपहर 2:30 – 5:00 • Mode: Offline, OMR based | Negative marking: नहीं
पहला फैसला: आपको Paper 1 देना है या Paper 2?
बहुत सारे candidates यहीं गलती कर देते हैं और गलत paper की तैयारी में महीने लगा देते हैं। फैसला आपकी मंज़िल से तय होता है, आपकी डिग्री से नहीं।
| आप किस class को पढ़ाना चाहते हैं | कौन सा Paper | Level |
|---|---|---|
| Class 1 से 5 (Primary) | CTET Paper 1 | प्राथमिक स्तर |
| Class 6 से 8 (Upper Primary) | CTET Paper 2 | उच्च प्राथमिक स्तर |
| Class 1 से 8 — दोनों | दोनों papers अलग-अलग | दोनों के लिए अलग fee |
दोनों papers एक ही दिन अलग shifts में होते हैं, इसलिए दोनों देना practically संभव है। लेकिन अगर यह आपका पहला attempt है, तो एक paper पर पूरी ताकत लगाना ज़्यादा समझदारी है — क्योंकि Paper 2 का Maths–Science या Social Science section अकेले 60 marks का होता है और उसे हल्के में लेने पर दोनों papers हाथ से निकल जाते हैं।
CTET Exam Pattern 2026: 150 नंबर बंटे कैसे हैं
CTET Exam Pattern 2026 में CBSE ने कोई structural बदलाव नहीं किया है। दोनों papers 150 objective questions के हैं, हर सवाल 1 नंबर का, और गलत जवाब पर कोई कटौती नहीं।
Paper 1 (Classes 1–5)
| Section | Questions | Marks |
|---|---|---|
| Child Development and Pedagogy | 30 | 30 |
| Language I | 30 | 30 |
| Language II | 30 | 30 |
| Mathematics | 30 | 30 |
| Environmental Studies (EVS) | 30 | 30 |
| कुल | 150 | 150 |
Paper 2 (Classes 6–8)
| Section | Questions | Marks |
|---|---|---|
| Child Development and Pedagogy | 30 | 30 |
| Language I | 30 | 30 |
| Language II | 30 | 30 |
| Mathematics & Science या Social Studies/Social Science | 60 | 60 |
| कुल | 150 | 150 |
Paper 2 में चौथा section आपकी पसंद का होता है — Maths और Science पढ़ाने वाले पहला option चुनते हैं, बाकी सब दूसरा। किसी भी अन्य विषय के teacher दोनों में से कोई भी चुन सकते हैं।
Marking और Qualifying Marks
- हर सही जवाब: +1
- गलत जवाब: 0 — यानी कोई भी सवाल खाली छोड़ना शुद्ध नुकसान है
- Duration: 2 घंटे 30 मिनट (दिव्यांग candidates को अतिरिक्त समय)
- Qualifying: General — 90/150 (60%) | SC/ST/OBC/PwD — 82/150 (55%), राज्यों की छूट के अनुसार
- Certificate validity: आजीवन (lifetime)
एक practical बात — negative marking न होने का मतलब यह नहीं कि अंदाज़े से गोले भर दें। इसका मतलब है कि आखिरी 8 मिनट बचाकर बचे हुए सारे सवाल भरना अनिवार्य है। हर session में हज़ारों OMR sheets ऐसी आती हैं जिनमें 10–12 सवाल खाली रह जाते हैं। उन्हीं में से किसी का 4-5 नंबर से रह जाना तय होता है।
CTET Paper 1 Syllabus 2026: विषयवार सिलेबस और उसकी रणनीति
नीचे हर subject के साथ syllabus भी है और यह भी कि उसमें marks कहाँ छिपे हैं। दोनों को अलग-अलग पढ़ने का कोई फायदा नहीं — तैयारी तभी काम करती है जब topic पढ़ते समय ही पता हो कि उससे सवाल किस शक्ल में आएगा।
1. Child Development and Pedagogy — 30 Marks
Syllabus में क्या है:
- Child Development (Primary School Child) — विकास के सिद्धांत, आनुवंशिकता और पर्यावरण का प्रभाव, समाजीकरण
- Piaget, Kohlberg और Vygotsky के सिद्धांत — मूल विचार और आलोचनाएँ
- बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा
- बुद्धि की बहु-आयामी अवधारणा (Multiple Intelligence), भाषा और विचार
- लैंगिक भेद (gender as a social construct), समाजीकरण और शिक्षा
- सीखने वालों में व्यक्तिगत भिन्नताएँ, आकलन (assessment) और CCE
- समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) — वंचित वर्ग, दिव्यांग बच्चे, प्रतिभाशाली और अधिगम-अक्षम बच्चे
- सीखना और शिक्षाशास्त्र — बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, सीखने में त्रुटि की भूमिका, प्रेरणा
रणनीति: यही वह section है जो CTET में पास और फेल का असली अंतर बनाता है, क्योंकि यह Paper 1 और Paper 2 दोनों में common है और पूरी तरह conceptual है। इसे रटने की कोशिश मत कीजिए। Piaget के चारों stages की definition याद कर लेना 2 नंबर दिलाएगा; लेकिन “6 साल का बच्चा यह नहीं समझ पा रहा कि पतले गिलास और चौड़े गिलास में पानी बराबर है — यह किस stage की विशेषता है” — यह पहचान पाना 8-10 नंबर दिलाएगा।
रोज़ 40 मिनट सिर्फ CDP को दीजिए और हर theory के साथ एक classroom example खुद बनाइए। NCERT की Class 11-12 Psychology की किताबें और NCF 2005 इस section के लिए किसी भी coaching notes से बेहतर हैं।
2. Language I — 30 Marks
Syllabus में क्या है:
- Comprehension — दो अपठित गद्यांश/कविता, उन पर व्याकरण, बोध और मौखिक क्षमता के प्रश्न (लगभग 15 प्रश्न)
- Pedagogy of Language Development — भाषा अधिगम और अर्जन, भाषा शिक्षण के सिद्धांत
- सुनने और बोलने की भूमिका, कक्षा में भाषा का प्रयोग
- व्याकरण की भूमिका और महत्व, भाषा कौशल
- भाषाई दक्षता का मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching)
- शिक्षण अधिगम सामग्री — पाठ्यपुस्तक, बहु-माध्यम सामग्री
रणनीति: Language I वह भाषा है जिसमें आप पढ़ाएँगे, इसलिए इसे अपनी सबसे मज़बूत भाषा रखिए। इस section की खूबी यह है कि 30 में से करीब आधे सवाल passage आधारित होते हैं — यानी जवाब सामने लिखा होता है, बस ढूँढना आता हो। यहाँ 24+ नंबर लाना पूरी तरह आपके हाथ में है, और यही आपके overall score को सुरक्षित करता है। बाकी आधे pedagogy के सवाल CDP से मिलते-जुलते हैं, इसलिए दोनों की तैयारी एक साथ चलती है।
3. Language II — 30 Marks
Syllabus में क्या है:
- Comprehension — दो अपठित गद्यांश (discursive/literary/narrative/scientific), बोध, व्याकरण और शब्द-भंडार के प्रश्न
- Pedagogy of Language Development — Language I जैसा ही ढाँचा
- अधिगम और अर्जन में अंतर, भाषा शिक्षण के सिद्धांत
- चुनौतियाँ — विविध कक्षा में भाषा शिक्षण, त्रुटियाँ और उनका उपचार
- मूल्यांकन के तरीके, teaching-learning materials
रणनीति: Language II का उद्देश्य आपकी communication ability जाँचना है, साहित्यिक गहराई नहीं। ज़्यादातर हिंदी माध्यम के candidates यहाँ English चुनते हैं और सीधे grammar की मोटी किताब खोल लेते हैं — यह उल्टा रास्ता है। पहले tenses, articles, prepositions, subject-verb agreement और narration — यही पाँच topics 8-10 सवाल कवर कर देते हैं। बाकी comprehension से आता है। Application form भरते समय Language I और II का चुनाव सोच-समझकर कीजिए, क्योंकि बाद में बदला नहीं जा सकता।
4. Mathematics — 30 Marks
Content (लगभग 15 प्रश्न):
- संख्याएँ, जोड़–घटाव, गुणा–भाग
- भिन्न (Fractions), LCM और HCF
- माप (Measurement), भार, समय, आयतन, धन-राशि
- ज्यामिति और आकृतियाँ, स्थान-बोध (Spatial Understanding)
- आँकड़ा प्रबंधन (Data Handling), प्रतिरूप (Patterns)
Pedagogical Issues (लगभग 15 प्रश्न):
- गणित की प्रकृति और तार्किक चिंतन, पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
- गणित की भाषा, सामुदायिक गणित
- मूल्यांकन — औपचारिक और अनौपचारिक तरीके
- शिक्षण की समस्याएँ, त्रुटि विश्लेषण, उपचारात्मक शिक्षण
रणनीति: यहाँ सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि Maths section कठिन है। सच यह है कि इसका content-level NCERT Class 5 तक ही सीमित है — कठिनाई calculation की नहीं, समझ की है। और आधे सवाल pedagogy से आते हैं, जहाँ बिल्कुल भी calculation नहीं होती।
अगर Maths आपकी कमज़ोरी है, तो इस section को उल्टा पढ़िए — पहले 15 pedagogy marks पक्के कीजिए (त्रुटि विश्लेषण, गणित की भाषा, Van Hiele के ज्यामितीय चिंतन के स्तर), फिर content पर आइए। इस एक फैसले से बहुत से candidates का score 10 नंबर ऊपर जाता है।
5. Environmental Studies (EVS) — 30 Marks
Content (लगभग 15 प्रश्न):
- परिवार और मित्र — रिश्ते, काम और खेल, जानवर, पौधे
- भोजन, आवास (Shelter), पानी
- यात्रा (Travel)
- हम चीज़ें कैसे बनाते हैं (Things We Make and Do)
Pedagogical Issues (लगभग 15 प्रश्न):
- EVS की अवधारणा और दायरा, महत्व, एकीकृत EVS
- पर्यावरण अध्ययन एवं पर्यावरणीय शिक्षा
- अधिगम सिद्धांत, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान का दायरा
- क्रियाकलाप, प्रयोग और व्यावहारिक कार्य, चर्चा (Discussion)
- CCE, शिक्षण सामग्री और सहायक सामग्री, समस्याएँ
रणनीति: EVS को अक्सर “आसान subject” मानकर आखिरी हफ़्ते के लिए छोड़ दिया जाता है और वहीं से 6-8 नंबर फिसल जाते हैं। इसकी वजह यह है कि EVS के सवाल NCERT Class 3, 4 और 5 की “आस-पास” किताबों से बिल्कुल सीधे उठाए जाते हैं — किसी और किताब से नहीं। ये तीन पतली किताबें पूरी पढ़ जाइए, दो बार। यह CTET की तैयारी में सबसे ज़्यादा return देने वाला 6 घंटे का निवेश है।
CTET Paper 2 Syllabus 2026: Classes 6 से 8 के लिए
CTET Paper 2 Syllabus में पहले तीन sections — CDP, Language I और Language II — Paper 1 जैसे ही हैं, बस उनका context upper primary बच्चों (11–14 वर्ष) का हो जाता है। किशोरावस्था, peer group का प्रभाव और adolescent psychology पर सवाल यहाँ ज़्यादा आते हैं।
असली फर्क चौथे section में है, जो अकेले 60 नंबर का है।
विकल्प A: Mathematics and Science (60 Marks)
Mathematics — 30 Marks
Content: संख्या पद्धति, बीजगणित (Algebra), ज्यामिति, क्षेत्रमिति (Mensuration), आँकड़ा प्रबंधन — यानी NCERT Class 6, 7, 8 का गणित।
Pedagogical Issues: गणित की प्रकृति और तार्किक चिंतन, पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, गणित की भाषा, सामुदायिक गणित, मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण, शिक्षण की समस्याएँ।
Science — 30 Marks
Content: भोजन, सामग्री (Materials), सजीव जगत, वस्तुओं का गतिमान होना, चीज़ें कैसे काम करती हैं, प्राकृतिक परिघटनाएँ, प्राकृतिक संसाधन।
Pedagogical Issues: विज्ञान की प्रकृति और संरचना, स्वाभाविक विज्ञान और उसके उद्देश्य, समझ और सराहना, दृष्टिकोण, अभिनव प्रयोग, पाठ्यचर्या सामग्री और सहायक सामग्री, मूल्यांकन, समस्याएँ, उपचारात्मक शिक्षण।
रणनीति: दोनों में 30-30 का बँटवारा है, और दोनों में करीब आधा हिस्सा pedagogy का है। Science का content NCERT Class 6-8 से बाहर लगभग नहीं जाता, इसलिए reference books में समय बर्बाद करने की ज़रूरत नहीं। Maths में algebra और mensuration से सबसे ज़्यादा सवाल आते हैं — इन्हीं दो से शुरुआत कीजिए।
विकल्प B: Social Studies / Social Sciences (60 Marks)
Content — लगभग 40 Marks
- History: कब, कहाँ और कैसे; आरंभिक समाज; प्रथम किसान और चरवाहे; प्रथम नगर; प्रारंभिक राज्य; नए विचार; पहला साम्राज्य; दूर देशों से संपर्क; राजनीतिक विकास; संस्कृति और विज्ञान; नए राजा और राज्य; दिल्ली के सुल्तान; वास्तुकला; एक साम्राज्य का निर्माण; सामाजिक परिवर्तन; क्षेत्रीय संस्कृतियाँ; कंपनी शासन की स्थापना; ग्रामीण जीवन और समाज; उपनिवेशवाद और जनजातीय समाज; 1857-58 का विद्रोह; जाति व्यवस्था पर प्रश्न; महिलाओं की स्थिति; राष्ट्रीय आंदोलन; स्वतंत्रता के बाद का भारत
- Geography: भूगोल एक विषय के रूप में; ग्रह — सौरमंडल में पृथ्वी; ग्लोब; पर्यावरण; वायु; जल; मानव पर्यावरण; संसाधन; कृषि
- Social and Political Life: विविधता; सरकार; स्थानीय सरकार; जीविका चलाना; लोकतंत्र; राज्य सरकार; मीडिया को समझना; लैंगिक भेदभाव; संविधान; संसदीय सरकार; न्यायपालिका; सामाजिक न्याय और वंचित वर्ग
Pedagogical Issues — लगभग 20 Marks
सामाजिक विज्ञान की अवधारणा और प्रकृति, कक्षा प्रक्रियाएँ, आलोचनात्मक चिंतन का विकास, पूछताछ और अनुभवजन्य साक्ष्य, सामाजिक विज्ञान शिक्षण की समस्याएँ, स्रोत — प्राथमिक और द्वितीयक, परियोजना कार्य, मूल्यांकन।
रणनीति: यह Paper 2 का सबसे लंबा syllabus दिखता है और यहीं लोग घबराते हैं। लेकिन ध्यान दीजिए — पूरा content NCERT Class 6 से 8 की History, Geography और Civics की किताबों से है, न कि UPSC वाली मोटी किताबों से। Social Science में pedagogy के 20 नंबर सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ किए जाते हैं और सबसे आसानी से मिलते हैं — “स्रोत” और “परियोजना कार्य” वाले topics से लगभग हर बार सवाल आता है।
Score Map: 90 नंबर आएँगे कहाँ से?
यह हिस्सा किसी official syllabus में नहीं मिलेगा, लेकिन तैयारी की दिशा यही तय करता है। Qualifying marks 90 हैं। नीचे Paper 1 का एक यथार्थवादी target बँटवारा है — perfectionism नहीं, pass होने का गणित।
| Section | कुल Marks | Realistic Target | क्यों |
|---|---|---|---|
| Language I | 30 | 24 | आपकी मातृभाषा, passage-आधारित |
| CDP | 30 | 20 | पूरी तरह conceptual, सबसे ज़्यादा मेहनत यहीं |
| EVS | 30 | 20 | सीधे NCERT से, कम समय में ज़्यादा return |
| Mathematics | 30 | 16 | 15 pedagogy पक्के, content से 6-8 |
| Language II | 30 | 18 | Grammar के 5 core topics + comprehension |
| कुल | 150 | 98 | Cut-off से 8 नंबर का सुरक्षित अंतर |
ध्यान दीजिए कि इस plan में Maths में सिर्फ 16 नंबर मान कर चला गया है और फिर भी candidate आराम से pass है। यही CTET की असली रणनीति है — कमज़ोर subject को औसत बनाइए, मज़बूत subject को शानदार। हर subject में 25 लाने की कोशिश में लोग किसी में भी 20 नहीं ला पाते।
5 Subjects की तैयारी का 45 दिन का ढाँचा
अगर आपके पास डेढ़ महीना है, तो यह बँटवारा काम करता है:
| हफ़्ता | मुख्य काम | रोज़ का समय |
|---|---|---|
| 1–2 | CDP पूरा — theories, inclusive education, assessment | 3 घंटे CDP + 1 घंटा Language I |
| 3 | EVS — NCERT Class 3, 4, 5 पूरी + EVS pedagogy | 2 घंटे EVS + 1 घंटा CDP revision |
| 4 | Maths pedagogy + content (NCERT Class 5 तक) | 2 घंटे Maths + 1 घंटा Language II grammar |
| 5 | Language I और II — comprehension practice, pedagogy | 3 घंटे भाषा + 1 घंटा CDP |
| 6 | Previous year papers — रोज़ एक full paper, timed | 2.5 घंटे paper + 1.5 घंटा analysis |
| आखिरी 3 दिन | सिर्फ revision — notes, गलतियों की list, कोई नया topic नहीं | 4 घंटे revision |
छठे हफ़्ते वाली बात सबसे ज़रूरी है। Previous year question papers CTET में किसी भी mock test से ज़्यादा कीमती हैं, क्योंकि CBSE के सवालों का लहजा बहुत तय है और हर 3-4 साल में कई concepts दोबारा घूमकर आते हैं। कम से कम पिछले 8 papers हल कीजिए और हर paper के बाद 90 मिनट सिर्फ यह समझने में दीजिए कि गलती क्यों हुई — जल्दबाज़ी में, न पढ़े होने से, या concept ही उल्टा समझा था। ये तीन कारण अलग-अलग इलाज माँगते हैं।
वो 6 गलतियाँ जो हर session में नंबर खा जाती हैं
1. Pedagogy को content के बाद पढ़ना। हर subject में लगभग आधे सवाल pedagogy से आते हैं, फिर भी ज़्यादातर लोग उसे आखिरी हफ़्ते में छूते हैं। उल्टा कीजिए — pedagogy पहले, content बाद में।
2. EVS और Maths के लिए coaching notes पर निर्भर रहना। CTET के EVS सवाल NCERT की “आस-पास” किताबों की भाषा तक से मिलते हैं। Notes उस भाषा को हटा देते हैं।
3. Language II में साहित्य पढ़ना। यह section आपकी teaching-level भाषा जाँचता है, आपका साहित्यिक ज्ञान नहीं।
4. OMR भरने की practice न करना। असली paper OMR पर होता है, mobile app पर नहीं। कम से कम आखिरी 5 mock tests OMR sheet पर, काले/नीले ball point से भरिए। हर बार कुछ candidates की sheet सिर्फ गलत तरीके से गोला भरने की वजह से reject होती है।
5. सवाल खाली छोड़ना। Negative marking नहीं है। आखिरी 8 मिनट में हर बचा हुआ गोला भरना अनिवार्य है।
6. Language I और II का चुनाव जल्दबाज़ी में करना। Application form में यह चुनाव एक बार हो जाने के बाद बदलता नहीं, और सीधे 60 नंबर इससे जुड़े हैं।
तैयारी के लिए क्या पढ़ें
- NCERT — Class 1 से 5 (Paper 1) या Class 6 से 8 (Paper 2) की सभी विषयों की किताबें। यही आधार है।
- NCF 2005 और RTE Act 2009 — CDP और pedagogy के सवालों की जड़ यहीं है।
- Class 11-12 Psychology (NCERT) — CDP की theories के लिए।
- Previous Year Papers — पिछले 8 sessions के, हल किए हुए।
- Official Information Bulletin — ctet.nic.in पर उपलब्ध, syllabus का अंतिम और आधिकारिक स्रोत।
एक ईमानदार सलाह: बाज़ार की मोटी guide books CTET के लिए ज़रूरी नहीं हैं। NCERT + previous papers + एक अच्छी pedagogy की किताब — इससे ज़्यादा किसी को नहीं चाहिए। जो लोग फेल होते हैं, वे अक्सर कम पढ़ने से नहीं, बल्कि दस जगह से बिखरा हुआ पढ़ने से होते हैं।
परीक्षा वाले दिन की checklist
- Admit card का print (कम से कम दो copies) + original photo ID
- काला या नीला ball point pen — पेंसिल से OMR भरना मान्य नहीं
- रिपोर्टिंग समय से कम से कम 60 मिनट पहले centre पर
- Electronic gadgets, smartwatch, calculator — कुछ भी अंदर नहीं
- OMR sheet पर roll number और booklet series भरना न भूलें — यह चूक पूरा paper रद्द करा देती है
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
CTET Syllabus 2026 में क्या कोई बदलाव हुआ है? CBSE ने September 2026 session के लिए exam pattern या syllabus की संरचना में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। दोनों papers अब भी 150 marks के हैं और subject-wise बँटवारा वही है। हालाँकि सवालों का रुझान धीरे-धीरे competency-based और classroom-application वाली दिशा में जा रहा है।
CTET Syllabus 2026 PDF कहाँ से download करें? ctet.nic.in पर उपलब्ध official Information Bulletin के अंदर ही syllabus और exam pattern का पूरा section होता है। किसी भी third-party PDF से पहले उसे official bulletin से मिला लें।
CTET में कितने नंबर चाहिए पास होने के लिए? General category के लिए 150 में से 90 (60%), और SC/ST/OBC/PwD के लिए 82 (55%) — राज्यों द्वारा दी गई छूट के अनुसार।
क्या CTET में negative marking है? नहीं। गलत जवाब पर कोई नंबर नहीं कटता, इसलिए कोई भी सवाल खाली छोड़ना नुकसानदेह है।
CTET certificate कितने साल valid रहता है? CTET प्रमाणपत्र अब आजीवन (lifetime) मान्य है। पहले यह 7 साल का होता था।
क्या मैं Paper 1 और Paper 2 दोनों दे सकता हूँ? हाँ। दोनों एक ही दिन अलग shifts में होते हैं और दोनों के लिए अलग application fee देनी होती है।
CDP सबसे कठिन section क्यों माना जाता है? क्योंकि इसमें सीधे तथ्य नहीं पूछे जाते। सवाल classroom की स्थितियों पर आधारित होते हैं जहाँ चारों options सही दिखते हैं और सबसे उपयुक्त एक चुनना होता है।
क्या CTET pass करने से सरकारी नौकरी पक्की हो जाती है? नहीं। CTET एक eligibility test है, भर्ती परीक्षा नहीं। यह KVS, NVS, केंद्रीय विद्यालयों और कई राज्यों की teacher भर्तियों में आवेदन का रास्ता खोलता है, नियुक्ति की गारंटी नहीं देता।
आखिरी बात
CTET Syllabus 2026 को देखकर घबराने की ज़रूरत नहीं — यह लंबा है, गहरा नहीं। जो candidate NCERT की बुनियादी किताबें ठीक से पढ़ लेता है, pedagogy को content जितनी गंभीरता से लेता है, और आठ previous year papers ईमानदारी से हल कर लेता है, वह 90 का आँकड़ा आराम से पार करता है।
बाकी सब — मोटी किताबें, अंतहीन test series, YouTube की मैराथन classes — इसी बुनियाद के ऊपर की सजावट है। बुनियाद पहले रखिए।
नवीनतम और आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा ctet.nic.in देखें।
Disclaimer: यह लेख जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। विस्तृत एवं अंतिम syllabus के लिए CBSE की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर उपलब्ध Information Bulletin अवश्य देखें।